अर्थ: साहित्य समाज का आईना है। यह समाज की स्थिति, भावनाओं और विचारों को प्रतिबिंबित करता है।
यह वेबपेज मेरी डिजिटल पुस्तकालय है — जहाँ मैं हिंदी साहित्य, कविता, और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के प्रति अपना प्रेम साझा करता हूँ। चाहे आप साहित्य प्रेमी हों, विद्यार्थी हों, या भाषा की सुंदरता के प्रशंसक — यहाँ हर किसी के लिए कुछ न कुछ है।
साहित्य भारतीय संस्कृति का सदैव अभिन्न अंग रहा है। हिंदी साहित्य केवल शब्दों का संसार नहीं है — यह हमारी विरासत, भावनाओं और पूर्वजों की अनंत बुद्धि से जुड़ने का माध्यम है। मैंने यह ब्लॉग अपनी साहित्यिक यात्रा को संजोने और उन रचनाओं को साझा करने के लिए शुरू किया है जो न केवल सुंदर हैं, बल्कि अर्थपूर्ण और प्रेरणादायक भी हैं।
महादेवी वर्मा
मुंशी प्रेमचंद
मैथिलीशरण गुप्त
जयशंकर प्रसाद